Ram Mandir में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेने के लिए अमिताभ, अंबानी,

अडाणी, सचिन, कोहली समेत सात हजार लोगों को निमंत्रण निमंत्रण पत्र में लिखा है, ‘‘आपको विदित ही हैं कि लंबे संघर्ष के पश्चात, श्री राम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पौष शुक्ल द्वादशी विक्रम संवत 2080, सोमवार (22 जनवरी 2024) को गर्भगृह में रामलला के नूतन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।”अयोध्या में बन रहे भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने की कगार पर है और रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए तैयारियां भी जोरों पर हैं। भगवान रामलला की कौन-सी मूर्ति मंदिर में स्थापित होगी इसका चयन 15 दिसंबर को किया जायेगा। इस बीच, प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए निमंत्रण भेजे जाने का काम भी चल रहा है। हम आपको बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, फिल्म स्टार अमिताभ बच्चन और उद्योगपति मुकेश अंबानी सहित करीब सात हजार लोगों को राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आमंत्रित किया है। ट्रस्ट के सूत्रों के मुताबिक दूरदर्शन पर प्रसारित धारावाहिक ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल (भगवान राम) और देवी सीता की भूमिका निभाने वाली दीपिका चिखलिया को भी इस आयोजन में शामिल होने के लिए आमंत्रण भेजा गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 22 जनवरी, 2024 को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए पहले ही आमंत्रित किया जा चुका है।ट्रस्ट ने 3000 वीवीआईपी सहित 7,000 लोगों को आमंत्रण भेजा है। कार्यक्रम में 1992 में मारे गए कारसेवकों के परिवारों को भी आमंत्रित किया जाएगा। आमंत्रित वीवीआईपी लोगों में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत, योग गुरु राम देव, उद्योगपति रतन टाटा, उद्योगपति गौतम अडाणी भी शामिल हैं। ट्रस्ट ने देशभर से 4000 संतों को भी आमंत्रित किया है जो राम जन्मभूमि परिसर में मौजूद रहेंगे। इस बारे में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा, ‘‘प्राण प्रतिष्ठा समारोह में 50 देशों से एक-एक प्रतिनिधि बुलाने का प्रयास है। आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले 50 कारसेवक परिवारों के लोगों को भी आमंत्रित किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों, वैज्ञानिकों, लेखकों और कवियों को भी आमंत्रण पत्र भेजा गया हैं। चंपत राय ने बताया कि इसके अलावा संतों, पुजारियों, शंकराचार्यों, धार्मिक नेताओं, पूर्व नौकरशाहों, सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों, वकीलों, संगीतकारों और पद्म श्री और पद्म भूषण से सम्मानित हस्तियों को भी आमंत्रित किया गया है। इस बीच, विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा, ‘‘हमने उन पत्रकारों को भी आमंत्रित किया है, जिन्होंने अपने समाचार पत्रों, लेखों और रिपोर्टिंग के माध्यम से हमारे राम मंदिर आंदोलन का समर्थन किया था, उनके (पत्रकारों के) बिना, राम मंदिर का यह संघर्ष अधूरा था।’’ शरद शर्मा ने बताया कि ‘‘वीवीआईपी को बार कोड पास के जरिए प्रवेश मिलेगा। आमंत्रित 7000 लोगों में से लगभग 4,000 देश भर से आए धार्मिक नेता होंगे। बाकी 3000 विभिन्न क्षेत्रों के वीवीआईपी होंगे। समारोह से पहले आमंत्रित लोगों के साथ एक लिंक साझा किया जाएगा। एक बार जब वे लिंक के साथ पंजीकृत हो जाएंगे, तो कोड उत्पन्न होगा जो प्रवेश पास के रूप में कार्य करेगा।’’ हम आपको बता दें कि निमंत्रण पत्र में लिखा है, ‘‘आपको विदित ही हैं कि लंबे संघर्ष के पश्चात, श्री राम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण कार्य प्रगति पर है। पौष शुक्ल द्वादशी विक्रम संवत 2080, सोमवार (22 जनवरी 2024) को गर्भगृह में रामलला के नूतन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। हमारी प्रबल इच्छा है कि आप इस पुनीत अवसर पर अयोध्या में उपस्थित रहकर प्राण-प्रतिष्ठा के साक्षी बनें और इस महान ऐतिहासिक दिन की गरिमा को बढ़ाएं।’’ निमंत्रण पर राम मंदिर ट्रस्ट के सचिव चंपत राय के हस्ताक्षर हैं।रामलला की मूर्ति के बारे में चंपत राय ने कहा, ‘‘राम मंदिर में रामलला पांच साल के बालक के रूप में विराजमान होंगे। इसके लिए दो चट्टानों से तीन मूर्तियां बनाई जा रही हैं जिनमें से एक चट्टान कर्नाटक से दूसरी राजस्थान से लाई गई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मूर्तियां 90 प्रतिशत तैयार हैं और उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्राण-प्रतिष्ठा के लिए सबसे आकर्षक मूर्ति का चयन किया जाएगा।’’ बताया जा रहा है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बन रहे मंदिर के गर्भगृह में स्थापित करने के लिए रामलला की मूर्ति 15 दिसंबर तक बनकर तैयार हो जाएगी। मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों ने बताया कि रामलला (भगवान राम के बाल स्वरूप) की तीन मूर्तियां बनवाई जा रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि मंदिर न्यास की धार्मिक समिति 15 दिसंबर को गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा करने के लिए सर्वश्रेष्ठ मूर्ति का चयन करेगी। मूर्तियां कर्नाटक और राजस्थान के मूर्तिकारों द्वारा बनाई गई हैं, जिनमें कर्नाटक के गणेश भट्ट और अरुण योगीराज के साथ जयपुर के कलाकार सत्यनारायण पांडे भी शामिल हैं।दूसरी ओर, देशभर से लोग रामलला के लिए अपने अपने स्तर पर कुछ ना कुछ सामान लेकर आ रहे हैं जो दर्शा रहा है कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पूरा होने को लेकर देशभर में कितना उत्साह है। इसी क्रम में राजस्थान से 600 किलो दे

G News India