मातेस्वरी जगदम्बा ने सिखाई जीबन जीने की कला-डॉ0 प्रशांत

बयाना । भरतपुर ।

मम्मा डे मनाया
मातेस्वरी जगदम्बा ने सिखाई जीबन जीने की कला-डॉ0 प्रशांत

संवाददाता – देवीसिंह प्रजापत

बयाना।आर्यसमाज रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज की ओर से गुरुबार को मातेस्वरी जगदम्बा का 57 बाँ स्मरण दिवस मनाया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि अनुसंधान केंद्र सेवर के कृषि वैज्ञानिक डॉ0 प्रशांत यादव रहे। अध्यक्षता सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी बहिन कमलेश ने की।विशिष्ट अतिथि युवा चिन्तक प्रिंस मित्तल ,समाजसेवी मधु सिंघल और श्रीमती किरण जैन रही।अतिथियो का स्वागत तिलक व् बैज लगाकर तथा पुष्प भेंट कर किया।सेवा केंद्र प्रभारी कमलेश बहिन ने कहा कि माँ जगदम्बा सरस्वती विनम्रता,धैर्य व् मधुर व्यबहार की प्रतिमूर्ति थी। उन्होंने मम्मा के जीबन ब्रतान्त से जुडी कई यादों को भाव पूर्ण स्मरण किया और उनके आदर्शों को स्वीकार कर अमल करने की चर्चा की। ज्योति बहिन ने मम्मा का महिमा गीत प्रस्तुत किया।संस्था का परिचय व् मम्मा की विशेषताओं पर साक्षी बहिन ने प्रकाश डाला।भ्राता टीकम एवम् बिजय बहिन ने जगदम्बा माँ का भव्य गुणगान किया।उपस्थित जनों ने मम्मा डे के अवसर पर माँ जगदम्बा के चित्र के समक्ष श्रद्धांजलि पुष्प अर्पित कर दी।मुख्य अतिथि डॉ0 प्रशांत यादव ने कहा कि जगदम्बा माँ ने हम सभी को जीबन जीने की कला सिखाई। उनकी बताई सीखों को कदापि भुलाया नही जा सकता।उन्होंने के रचनात्मक कार्यक्रमों की प्रशंषा की।अन्य वक्ताओ ने भी अपने अपने विचार प्रगट किये। इस मौके बहिन बिनीता,चिंतामणि,मधु, प्रेरणा, आशा, केशुला, शिवकुमार,चंद्र प्रकाश गुप्ता,सुभाष समराया,कुंवर सिंह सहित सेवा केंद्र से जुड़े अनुयाई मौजूद रहे।आभार भ्राता सौरभ अग्रवाल ने प्रगट किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 कुमार शास्त्री ने किया।