गंगोत्री यात्रा के दौरान एक खूबसूरत ट्रैक भी किया दयारा बुग्याल

गंगोत्री यात्रा के दौरान एक खूबसूरत ट्रैक भी किया दयारा बुग्याल। उत्तरकाशी से थोड़ा आगे चलकर हर्षिल से पहले रैथल गांव से शुरू होता है ये ट्रैक और 8 से 9 किमी का है। चढ़ाई थोड़ी खड़ी है पर बुग्याल देखकर सारी थकावट दूर हो जाती है। बड़ी बात ये है कि यहां से गंगोत्री समूह की बर्फीली चोटियों के मनोरम दर्शन होते हैं। ट्रैक में साथ रहे रैथल और नटीन गांव के लोगों से बात करके पता चला कि यहां लोग औरंगजेब के समय में राजस्थान से आए थे। राणा भी हैं यहां कई। अभी भी 400 साल पुराने घर हैं, जो जाने कितने भूकंप देख चुके हैं।गंगोत्री यात्रा के दौरान एक खूबसूरत ट्रैक भी किया दयारा बुग्याल। उत्तरकाशी से थोड़ा आगे चलकर हर्षिल से पहले रैथल गांव से शुरू होता है ये ट्रैक और 8 से 9 किमी का है। चढ़ाई थोड़ी खड़ी है पर बुग्याल देखकर सारी थकावट दूर हो जाती है। बड़ी बात ये है कि यहां से गंगोत्री समूह की बर्फीली चोटियों के मनोरम दर्शन होते हैं। ट्रैक में साथ रहे रैथल और नटीन गांव के लोगों से बात करके पता चला कि यहां लोग औरंगजेब के समय में राजस्थान से आए थे। राणा भी हैं यहां कई। अभी भी 400 साल पुराने घर हैं, जो जाने कितने भूकंप देख चुके हैं।

#uttarakhand #mountains उमेश गुप्ता जी न्यूज़ इंडिया जिला संवाददाता संभल यूपी

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