ISIS के खतरे से निपटने के लिए तालिबान ने उठाया कदम, आत्मघाती हमलावरों की करेगा सेना में भर्ती

तालिबान के उप प्रवक्ता बिलाल करीमी ने कहा कि अब समूह एक इकाई के तहत काम करने और अफगानिस्तान की रक्षा के लिए देश भर में आत्मघाती हमलावरों के बिखरे हुए दस्तों को सुधारना और संगठित करना चाहता है।

तालिबान आधिकारिक तौर पर सेना का हिस्सा बनने के लिए आत्मघाती हमलावरों की भर्ती करेगा। काबुल पर कब्जे के बाद से प्रतिद्वंद्वी इस्लामिक स्टेट तालिबान के लिए सबसे बड़े सुरक्षा खतरे के रूप में सामने आया है।  पिछले साल सत्ता में आने से पहले, तालिबान ने 20 साल के युद्ध में अमेरिकी और अफगान सैनिकों पर हमला करने और उन्हें हराने के लिए आत्मघाती हमलावरों को एक महत्वपूर्ण हथियार के रूप में इस्तेमाल किया था। तालिबान के उप प्रवक्ता बिलाल करीमी ने कहा कि अब समूह एक इकाई के तहत काम करने और अफगानिस्तान की रक्षा के लिए देश भर में आत्मघाती हमलावरों के बिखरे हुए दस्तों को सुधारना और संगठित करना चाहता है।

उनका मुख्य लक्ष्य अब इस्लामिक स्टेट की स्थानीय शाखा होगी। करीमी ने कहा कि विशेष बल जिनमें जान कुर्बान करने  वाले शामिल हैं का उपयोग अधिक परिष्कृत और विशेष अभियानों के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी समूह देश भर में और सीमाओं पर “रक्षा को मजबूत करने के लिए एक मजबूत और संगठित सेना” का निर्माण कर रहा है, जिसमें आत्मघाती हमलावर रणनीति का एक अभिन्न हिस्सा बन रहे हैं।

एक मीडिया रिपोर्ट में कहा , इस बीच, तालिबान शासन ने कहा है कि वह सीमा पर बाड़ लगाने के विवादास्पद मुद्दे पर पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच डूरंड रेखा पर पाकिस्तान द्वारा बाड़ लगाने की अनुमति नहीं देगा।’ तालिबान के कमांडर मावलवी सनाउल्लाह संगीन ने बुधवार को अफगानिस्तान के टोलो न्यूज को बताया, ”हम (तालिबान) किसी भी समय, किसी भी रूप में बाड़ लगाने की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने (पाकिस्तान ने) पहले जो कुछ किया, हम अब इसकी अनुमति नहीं देंगे। अब कोई बाड़ नहीं होगी।’