चाइल्ड पोर्नोग्राफी समाज के माथे पर बदनुमा दाग है, इस समस्या का हल कड़ाई से निकालना होगा

गत दिनों चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर नई बहस तब छिड़ गई जब सीबीआई ने देश के कई राज्यों से पोर्नोग्राफी के धंधे में लिप्त लोगों को गिरफ्तार किया।सीबीआई ने नोएडा, दिल्ली, झांसी, तिरूपति और ओडिशा सहित कई राज्यों में छापेमारी की थी।

चाइल्ड पोर्नोग्राफी एक गंभीर ही नहीं अमानवीय कृत्य भी है। चाइल्ड पोर्नोग्राफी के जरिये कुछ लोग पैसा कमा रहे हैं तो तमाम लोग मानसिक रूप से बीमार होने के कारण इसको बढ़ावा दे रहे हैं। जो देश के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। इस अपराध की सजा जितनी भी गंभीर हो कम ही है, लेकिन दुख की बात यह है कि भारत में इस पर रोक के सभी प्रयास और बनाए गए कानून नाकाफी साबित हो रहे हैं। हालात यह हैं कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी से कमाई के चक्कर में लोग अपना ईमान धर्म तक बेच दे रहे हैं। देश में ऐसे लोग ना जाने कहां-कहां छिपे होंगे यह कोई नहीं जानता। बस ढिंढोरा उनका ही पिटता है जो पकड़े जाते हैं। इंटरपोल के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। पोर्नोग्राफी पर इंटरपोल की हालिया रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2017 से लेकर 2020 के बीच करीब तीन वर्षों में ऑनलाइन बच्चों के ही यौन शोषण के 24 लाख से अधिक मामले सामने आए हैं।

गत दिनों चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर नई बहस तब छिड़ गई जब सीबीआई ने देश के कई राज्यों से पोर्नोग्राफी के धंधे में लिप्त लोगों को गिरफ्तार किया। सीबीआई ने नोएडा, दिल्ली, झांसी, तिरूपति और ओडिशा सहित कई राज्यों में छापेमारी की थी। इसी क्रम में कानपुर से एक युवक जितेंद्र कुमार (23) को गिरफ्तार किया गया था। पूरे मामले के खुलासे के लिए सीबीआई उससे पूछताछ कर रही है। साथ ही उसके मोबाइल, लैपटॉप समेत अन्य जरूरी दस्तावेज भी जब्त किए हैं। उसके बैंक खाते में हुए लेन-देन की भी जांच चल रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी बच्चों के अश्लील वीडियो कई साइट्स पर अपलोड करता था। इन लोगों ने एक ग्रुप बना रखा था। यह लोग मिलकर टेलीग्राम एवं व्हाट्सएप ग्रुप में अश्लील सामग्री अपलोड करने के साथ ही उसे फॉरवर्ड करने का काम करते थे। इसके एवज में यह ऑनलाइन पैसे लेते थे। पड़ताल में मालूम चला है कि इनका ग्रुप ऑन डिमांड वीडियो भी ऊंची कीमत पर अपलोड करता था। इसकी अधिकांश डिमांड बाहरी देशों से होती थी। बच्चों के यौन शोषण एवं वीडियो इंटरनेट में अपलोड करने के मामले में सीबीआई टीम ने बीते मंगलवार को आधा दर्जन जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। बताते चलें कि बीते वर्ष भी इसी तरह की एक घटना का खुलासा उत्तर प्रदेश के जिला चित्रकूट में हुआ था। तब चाइल्ड पोर्नोग्राफी रैकेट से जुड़े अवर अभियंता को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। उसके बाद से सीबीआई इस पूरे रैकेट का सुराग तलाशने में जुटी थी। आशंका जताई जा रही कि यहां भी इस रैकेट के तार हैं। इनकी धरपकड़ की खातिर ही सीबीआई ने छापेमारी की।