डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया रोगों की रोकथाम के लिए चलाये जा रहे अभियान की जानकारी के लिए सी.एम.ओ. ने किया औचक निरीक्षण

सहारनपुर : डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया रोगों की रोकथाम के लिए चलाये जा रहे अभियान की जानकारी के लिए सी.एम.ओ. ने किया औचक निरीक्षण

✍रिर्पोट :- गौरव सिंघल,जिला प्रभारी,जी न्यूज इंडिया,जनपद सहारनपुर,उप्र:।

सहारनपुर (जी न्यूज इंडिया ब्यूरो)। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 संजीव मांगलिक ने जनपद में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया रोगों की रोकथाम के लिए चलाये जा रह अभियान के ग्राम ग्राम धोलाहेडी, चिलकाना ब्लॉक सरसावा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी चिलकाना, जिला मलेरिया अधिकारी श्रीमती शिवॉका गौड एवं अन्य स्वास्थ्य टीम उपस्थित थी। सीएमओ ने ग्रामीणों से जानकारी ली कि टीम द्वारा रोगियों की स्लाईड व अन्य टेस्ट किया जा रहे है। डेंगू रोग से बचाव हेतु भी जानकारी दी जा रही है। ग्रामीण वासियों को मुख्य चिकित्सा अधिकरी के द्वारा बताया गया कि जिला चिकित्सालय व मेडिकल कालेज में डेंगू की जॉच एलाइजा रीडर द्वारा की जा रही है।
डॉ0 संजीव मांगलिक ने औचक निरीक्षण के दौरान अधीक्षक सामु0स्वा0केन्द्र सरसावा को निर्देशित किया गया कि ग्राम में समय-समय पर फॉगिग कराई जाये तथा आशा, ए0एन0एम0स एवं आंगनवाडी द्वारा ग्राम में सोर्स रिडक्षन निरन्तर कराये व ग्राम में निरन्तर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। जिससे संक्रामक रोगों से बचा जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ग्राम में कोई गम्भीर ज्वर रोगी पाया जाता है तो उसकों तत्काल मेडिकल कालज में रेफर किया जाये। ग्राम में पानी रूका हुआ मिला। इसके लिये जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र के माध्यम से अवगत कराया गया कि ग्राम में साफ-सफाई कराई जाये। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा पी0एच0सी0 चिलकाना का निरीक्षण किया गया जहॉ पर औषधि भण्डार, वार्ड का निरीक्षण किया गया। सी0एच0सी0 पर जो खमियां पायी गयी। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी चिलकाना को निर्देशित किया गया किया। सी0एच0सी0 की समुचित साफ-सफाई रखी जाये तथा आस-पास नालियों में पायरीथ्रम का छिडकॉव किया जाये। डेंगू व वायरल बुखार में न घबराने की सलाह दी गयी। डेंगू रोगियों हेतु प्रत्येक ब्लॉक पर 6 शैयय्ओं को समस्त सुविधाओं से सुसृजित वार्ड तथा एक वार्ड 50
शैय्यओं का जिला चिकित्सालय बनाया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी श्रीमती शिवॉका गौड ने ग्रामीण वासियों को संक्रामक/संचारी रोगों से बचाव हेतु जानकारी दी कि अपने घरों के आस-पास रूके हुये पानी के गड्ढों को मिट्टी से भरने, पानी से भरे बर्तन जैसे कूलर, गमले, छतो पर रखे पुराने टायर, फ्रीज की ट्रे आदि जिनमें एक सप्ताह से ज्यादा पानी रूका रहता है तो उन्हे खाली करें क्योकि इन्ही बर्तनों में एडिज लार्वा प्रजनन करता है। डेंगू की रोकथाम हेतु विशेष तौर पर कूलरों में पानी भरने से पहले अच्छी तरह उसकों रगडकर साफ किया जाये। जिससे डेंगू फैलाने वाले मच्छर एडिज का विगत वर्श का अण्डा मर जाये क्योकि यह अण्डा एक साल तक कूलरों में जमा रहता है व पानी के सम्पर्क में आने पर यह एडिज मच्छर बन जाता है। जोकि डेंगू रोग फैला सकता है। ग्राम स्तर पर साफ-सफाई, हाथ धोना, षौचालय की सफाई तथा घर से जल निकासी हेतु जन-जागरण के लिये प्रचार प्रसार, प्रधान वी0एच0एस0 एन0सी0 के माध्यम से संचारी रोगों तथा वैक्टर जनित रोगों की रोकथाम हेतु ‘‘क्या करें क्या न करें‘‘ का सधन प्रचार-प्रसार किया जाये।
श्रीमती शिवॉका गौड ने बताया कि दिमागी बुखार का टीका जरूर लगवाएं, मच्छरों के काटने से बचें मच्छरदानी, मच्छर, अगरबत्ती या कॉयल वगैरह का प्रयोग करें। पूरे आस्तीन की कमीज, फुल पैट मोजे पहनें, सुअरों को घर से दूर रखें, रहने की जगह साफ सुथरा रखें एवं जाली लगवायें, पीने के लिए इंडिया मार्का हैण्ड पम्प के पानी का प्रयोग करें। पानी हमेषा ढक कर रखें छिछला हैण्ड पम्प के पानी को खाने पीने में प्रयोग न करें, पक्के व सुरक्षित षौचालय का प्रयोग करे, षौच के बाद व खाने के पहले साबुन से हाथ अवष्य धोये, नाखूनों को काटतें रहें, लम्बे नाखूनों से भोजन बनाने व खाने से भोजन प्रदूषित होता है, दिमागी बुखार के मरीज को दाएं या बाएं करवट लिटाएं। यदि तेज बुखार हो तो पानी से बदन पोछते रहे। जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि बेहोशी व झटके की स्थिति में मरीज के मुॅह में कुछ भी नही डालें, झोला छाप डाक्टरों के पास ना जायें, घर के आस पास गंदा पानी इकट्ठा न होने दें, इधर-उधर कूडा-कचरा व गंदगी न फेलायें, खुले मैदान या खेतों में शौच न करें।

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