ख्वाब में ख्वाब बनकर तुम मिले, ज़िन्दगी में आस बनकर तुम मिले

ख्वाब में ख्वाब बनकर तुम मिले,
ज़िन्दगी में आस बनकर तुम मिले।
जब कभी भटका अन्धेरी राहों में,
दीप सा विश्वास बनकर तुम मिले।

कब रहे तन्हां, ये कभी सोचा नही,
मुश्किलों को भी कभी सोचा नही।
ख्वाब में भी ख्याल बन तुम ही रहे,
छल कपट हमने, कभी सोचा नही।

अ कीर्ति वर्द्धन

x

COVID-19

India
Confirmed: 34,175,468Deaths: 454,269