योग के माध्यम से काली व सफेद फंगल इन्फेक्शन पर रोकथाम

– योग के माध्यम से काली व सफेद फंगल इन्फेक्शन पर रोकथाम

अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ के संस्थापक व अध्यक्ष योग गुरू मंगेश त्रिवेदी ने लोगों को बताया के कैसे भारत में म्यूकरमाइकोसिस के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है जिसे आम तौर पर ब्लैक फंगस के नाम से जाना जाता है और देश कोरोना वायरस की जानलेवा दूसरी लहर से जूझ रहा है।
जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है सफेद व काली फंगस उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। यह तब भी हो सकता है जब लोग पानी के संपर्क में आते हैं या मोल्ड युक्त गंदे वातावरण में आते हैं। यह रोग संक्रामक नहीं है, लेकिन ये महत्वपूर्ण अंगों में फैल सकता है और जटिलताओं का कारण बन सकता है।
कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग, मधुमेह, कैंसर या नियमित रूप से स्टेरॉयड का उपयोग करने वालों को व्हाइट फंगस से संक्रमित होने का अधिक खतरा होता है।
सावधानी रखने से स्वयं की रक्षा सम्भव है।

 

मुख्य कारण :- योग गुरू मंगेश त्रिवेदी ने
काली व सफेद फंगल इन्फेक्शन का मुख्य कारण साफ सफाई की कमी।
आपातकालीन स्थिति मे लोगों द्वारा मैडिकल स्लेडर की जगह इंडस्ट्रीयल स्लेडर का प्रयोग मुख्य बताया है।
योग गुरू मंगेश त्रिवेदी ने काली और सफेद दोनों ही फंगस संक्रमण ‘म्यूकरमाइसेट्स’ नामक फंगस के सांचे के कारण होते हैं जो पर्यावरण में मौजूद होते हैं।

महत्त्वपूर्ण यौगिक क्रियाएँ :-
जलनेति
यह जल द्वारा किया जाने वाली एक क्रिया है। इससे नैजल ट्रैक की सफाई ठीक ढंग से हो जाती है। इस जल में आप चाहे तो थोड़ा सा सेंधा नमक भी डाल सकते है। इसके लिए एक तरफ से नाक के होल में पानी डाला जाता है वह दूसरी तरह के होल  से आसानी से निकल आता है। इसके साथ ही आपको बता दें कि इस क्रिया को करने के लिए खास पात्र की आवश्यकता होती है।  इस क्रिया को करते समय गर्दन को तिरछी रखकर मुंह से सांस लेना है। कभी भी इस क्रिया को करते समय नाक से सांस न लें। ऐसा करने से पानी दिमाग में चल जाएगा।

सूत्रनेति
इस क्रिया के द्वारा शरीर का शुद्धिकरण होता है। इस क्रिया के लिए पहले धागे का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन अब यह आसानी से मेडिकल स्टोर में मिल जाता है। इस क्रिया में पहले इस सूत्र नेति को पानी से साफ करके नाक से धीरे-धीरे डाला जाता है जिसे मुंह से निकाला जाता है। मिर्गी के दौरे या अधिक चक्कर आते है तो सूत्र नेति को करने से बचें।

स्टीम लेना
पानी में दिव्य तेल डालकर स्टीम लेने से भी आपको लाभ मिलेगा।

नस्य क्रिया
नाक में तेल डाल लें। इसमें आप सरसों, अण तेल या फिर क्षणबिंदु तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं।

सावधानियाँ:-योग गुरू मंगेश त्रिवेदी ने बताया की
* नमी वाले स्थान से इस समय से बचना चाहिए। साथ ही इस समय हापर टेंशन , मधुमेह व गम्भीर रोग से ग्रसित व्यक्ति को मिटटी के कार्यों से दूर रहने की सलाह दी है।
*बच्चों के लिए बहुत आवश्यक है कि बार बार आँख व मुँह पर हाथ न लगाए व लगातार हाथ धोते हैं।
*अभिभावकों से निवेदन है कि वे बच्चों की इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं को दो से तीन बार सैनेटाइज करें।
*बहुत छोटे बच्चे प्रत्येक वस्तु को मुँह मे डालते हैं उस हेतु बार बार सफाई करना आवश्यक है।

लेखक:- मोनिका शर्मा

x

COVID-19

India
Confirmed: 34,175,468Deaths: 454,269