छात्रावास की अव्यवस्था को लेकर छात्राओ ने तहसीलदार को सुनाया दुखड़ा

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*छात्रावास की अव्यवस्था को लेकर छात्राओ ने तहसीलदार को सुनाया दुखड़ा*
*छात्राओ ने बताया ‘भरपेट नही मिलता है खाना’; बीमार होने पर ईलाज के लिए मांगते है पैसा*

*लैलूंगा से सतीश चौहान जी न्यूज इंडिया*

लैलूंगा। प्री मेट्रिक कन्या छात्रावास लैलूंगा की छात्राओ ने तहसीलदार अनुज पटेल के औचक निरीक्षण के दौरान छात्रावास मे फैली अव्यवस्था को लेकर छात्रावास में ही हंगामा कर तहसीलदार को अपना दुखङा सुनाया।दुर दराज से आकर यहां अध्ययन करने वाली इन छात्राओ ने बताया कि छात्रावास मे उन्हे बहुत परेशानियो का सामना करना पङ रहा है जैसे नाश्ता उन्हे भरपेट नही दिया जाता खाना दिया जाता है उसमें रोजाना आलु तथा कीङेयुक्त सोयाबीन दिया जाता है हरी सब्जी भी उनको कभी नही दिया जाता साथ ही बाथरूम गंदा रहता है जिसकी सफाई छात्राएं स्वयं करती है।छात्रावास मे विगत एक वर्षो से चल रहे अव्यवस्था व प्रताङना को लेकर आक्रोशित छात्राओ ने तहसीलदार अनुज पटेल से जल्द से जल्द व्यवस्था सुधारने की गुहार लगाई।जांच में आए तहसीलदार को छात्राओ ने छात्रावास अधीक्षिका रोजनीन एक्का पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए बताया कि छात्रावास के शिकायत पेटी में लगभग एक वर्षो से छात्रावास में हो रही समस्याओ की लिखित शिकायत शिकायत पेटी मे डाली जा रही थी परन्तु शिकायत पेटी को कभी खोला ही नही जा रहा था।जांच में आए अधिकारियो ने जब शिकायत पेटी खोला तब उसमे विगत एक वर्ष तक के छात्राओं के शिकायत पर्ची मिली जिसे महीनो से नही खोला गया था जिस पर तहसीलदार ने नाराजगी जताते हुए छात्रावास अधीक्षिका को समझाईश दी तथा आगे कङी कार्यवाही करने की बात कही।इस पूरे मामले को लेकर जब छात्रावास अधीक्षिका से बात की गई तो उन्होने कुछ कहने से साफ इंकार कर दिया और मामले को रफा दफा करने की बात कही।

पौधारोपण के लिए छात्राओं से मांगी जाती50रूपये की राशि

छात्रावास की छात्राओ ने बताया अधीक्षिका द्वारा पौधा रोपण के नाम से प्रत्येक छात्रा से 50-50रूपये मांगी जाती है।शासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए वन विभाग के माध्यम से गांव गांव में निःशुल्क पौधे वितरण किए जा रहे परन्तु इन्ही पौधो को छात्रावास में अध्ययनरत छात्राओ को बेचा जा रहा है।

क्या कहते है छात्राएं

छात्रावास में खानपान व्यवस्था ठीक नही है;शाम को खाने मे कीङेयुक्त खाना दिया जाता है तथा छुट्टी के दौरान वापस घर से छात्रावास आने के देरी होती है तो लेटफीस लिया जाता है।हमने अब तक 1700 रू दिया है