बदहाली की जिंदगी जी रहे सुदुर जंगल मे बसे ग्राम केनापारा के ग्रामीण

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“बदहाली की जिंदगी जी रहे सुदुर जंगल मे बसे ग्राम केनापारा के ग्रामीण”

शासकीय योजनाओं का नही मिल रहा लाभ,शिकायत के बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नही

ग्रामीणो का आरोप -सरकार की महती योजनाओ का क्रियान्वयन न होने के लिए सरपंच,सचिव जिम्मेदार

लैलूंगा

आदिवासी विकासखंड लैलूंगा के सुदुर घने जंगल में बसे ग्रामपंचायत दियागढ़ के आश्रित ग्राम केनापारा के बासिंदे आधुनिकरण के इस युग में भी अत्यंत बदहाली की जिंदगी जीने को मजबुर है,विकासखंड मुख्यालय से काफी दुर व जंगली इलाका होने की वजह से केन्द्र तथा राज्य सरकार की महत्वपूर्ण योजनाएं यहां दम तोङती नजर आ रही है बुनियादी सुविधाओ से वंचित यहां के बासिंदो ने अपनी बदहाली को लेकर कई बार सरपंच सचिव सहित संबंधित अधिकारियो को लिखित शिकायत की परन्तु अब तक कोई कार्यवाही नही हुई।यहां कि बदहाली का आलम यह है कि विगत 15वर्ष पूर्व बनी सीसी रोङ पूरी तरह उखङ कर कीचङयुक्त हो गई है जिससे बरसात के दिनो मे आवाजाही करने मे नन्हे स्कुली छात्र छत्राओं के अलावा ग्रामीणो को काफी दिक्कतो का सामना करना पङता है वही गांव मे शौचालय निर्माण सहित अन्य विकास कार्यो को लेकर गांव की महिलाओ मे काफी आक्रोश है महिलाओ का कहना है कि गांवो में आधा अधूरा शौचालय बना के छोङ दिया गया है जिसका उपयोग भी नही हो पा रहा है,जिससे उन्हे काफी परेशानियो का सामना करना पङ रहा है साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्राम केनापारा मे एक भी हितग्राहियो का आवास स्वीकृत नही किया गया है,इसके अलावा पंचायत मे आधे अधूरे बने आंगनबाङी मे कार्यरत मजदुरो को मजदुरी नही मिली,चिंगारी में निर्मित तालाब आधा अधुरा करके छोङ दिया गया है तथा शासन द्वारा स्वीकृत बोर को अपने घरो में खुदवाया गया है साथ ही मुलभुत की राशि आदि का बंदरबाट भी किया गया है।रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा के लिए खेती बाङी पर आश्रित यहां के ग्रामीणो को मुलभुत सुविधाएं दिलाने अब तक सरकार नाकाम रही है वही रही सही कसर यहां के सरपंच व सचिव पूरा कर देते है।ग्रामीणो की माने तो विकास तो दुर की बात विकास हेतु चर्चा के लिए ग्राम सभा का भी आयोजन नही किया जाता और न ही पंचो को किसी प्रकार की जानकारी दी जाती है जिसके जिम्मेदार यहां के सरपंच सोनाबाई सिदार तथा सचिव संकीर्तन पटेल है उनके कार्यप्रणाली के कारण यहां के पंच भी काफी आक्रोशित है, वही गांव की बदहाली को लेकर जब सरपंच सोनाबाई सिदार से बातचीत की गई तो उनका साफ तौर पर कहना है कि ग्रामीणो द्वारा लगाया जा रहा आरोप निराधार है,गांव के विकास के लिए हमने कार्य किया है तथा आए दिन ग्राम केनापारा का हमारे द्वारा दौरा किया जाता है।इधर गांव के महिला समुह की महिलाओ का कहना है कि मुख्य मार्ग से हटकर अंदरूनी इलाका होने के साथ साथ आश्रित ग्रांव होने के कारण हमारे गांव को ध्यान नही दिया जा रहा है। समस्या बताते हुए ग्रामीणो ने बताया कि जरूरी कार्यो को निपटाने विकासखंड मुख्यालय जाने के लिए बस स्टाॅप 3किमी दुरी पर है वाहन के अभाव के कारण बस चढ़ने 3किमी पैदल चलना पङता है वही हाईस्कुल व काॅलेज में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को यहां से आवाजाही करने में काफी दिक्कतो का सामना करना पङता है।

सरपंच सचिव के भर्राशाही को लेकर ग्रामीण जल्द करेंगे कलेक्टर से शिकायत

ग्राम पंचायत दियागढ़ के सरपंच सचिव की मनमानी को लेकर ग्रामीणो ने जनपद पंचायत सीईओ को विगत माह पूर्व पंचायत मे हो रही मनमाने रवैये को लेकर कार्यवाही हेतु शिकायत की थी परन्तु लगभग 200 ग्रामीणो द्वारा हस्ताक्षरित लिखित शिकायत प्राप्त होने के बावजुद शिकायत पत्र कागजो मे धूल चाट रही है वही कार्यवाही न होने से रूष्ठ ग्रामवासी जल्द ही अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्टर के पास जाने की तैयारी कर रहे है।

क्या कहते है अधिकारी-
हमारे द्वारा ग्राम पंचायतो में किसी भी समस्या के संबंध में जानकारी लेकर उनका निदान करवाया जा रहा है

भजन साय,सीईओ
जनपद पंचायत लैलूंगा

“ग्रामीणो द्वारा लगाया गया आरोप निराधार है;शौचालय सहित अन्य योजनाओ का कार्य किया जा रहा है”
सोनाबाई सिदार
सरपंच दियागढ़

सरपंच सचिव की मनमानी चरम पर है,गांव मे विकास के नाम पर जेब भरने का काम किया जा रहा

केशबो प्रधान,पंच केनापारा

शौचालय सहित अन्य विकास कार्य यहां ठप्प है
कमला यादव;ग्रामीण केनापारा

रिपोर्टर लैलूंगा से सतीश चौहान जी न्यूज इंडिया