बाल भवन में मनाई गई संत शिरोमणि की 642वीं जयंती

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बाल भवन में मनाई गई संत शिरोमणि की 642वीं जयंती रेवाड़ी, 19 फरवरी बाल भवन में संत शिरोमणि गुरू रविदास जी की 642वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर मुख्य वक्ता के रूप में अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि देश में समय-समय पर अनेक महान संतो ने जन्म लिया। इन्हीं महान संतो में से गुरू रविदास भी एक संत थे। वे 15वीं शदी के महान समाज सुधारक दार्शनिक, कवि तथा अध्यात्मिक विभुति थे। दहिया ने कहा कि गुरू रविदास के रचनाओ की विशेषता लोकवाणी रही है, जिसने जनमानस को बहुत प्रभावित किया। उनका सम्पूर्ण जीवन सदाचार, सादगी और कर्मयोग का संदेश देता है। एडीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि हमें भी संत रविदास के जीवन से जुड़ी महान घटनाओं को याद कर उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए, जिससे हम भी सुखी जीवन के सूत्र सीख सकते हैं। हमें भी उनके मार्ग पर चलकर मन में सेवा भाव रखकर सुखी जीवन व्यतीत करना चाहिए। इस मौके पर एडीसी प्रदीप दहिया ने जिला समाज कल्याण विभाग की तरफ से करवाई गई विभिन्न प्रतियोगिताओ में उत्कृष्ठ रहने वाले बच्चों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम से पूर्व उपस्थित लोगो ने बाल भवन में राजगढ निवासी शहीद सिपाही हरीसिंह की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन भी रखा। इस अवसर पर नगराधीश डॉ विरेन्द्र, जिला कल्याण अधिकारी नरेन्द्र, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुरेश गोरिया, कुमारी गीता, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी धर्मबीर बल्डोदिया, चौधरी हंसराज सहित अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।] Adarsh sharma Rewari