विधानसभा15लैलूँगा काग्रेस प्रत्याशी चक्रधर सिदार जी के जीत सजा सेहरा विधानसभा में बदलाव का इतिहास कायम

विधानसभा15लैलूँगा काग्रेस प्रत्याशी चक्रधर सिदार जी के जीत सजा सेहरा विधानसभा में बदलाव का इतिहास कायम रहा

लैलूंगा

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद परिवर्तन के पक्ष में मतदान हुआ है। किसी भी पार्टी को लगातार दो बार नही चुना गया है।
छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण सन 2000 में हुआ तब बीजेपी के प्रेम सिंह सिदार विधायक थे जिन्होंने दलबदल कर कांग्रेस का दामन थाम लिया और विधानसभा लैलूँगा का प्रतिनिधित्व कांग्रेस ने किया।उसके बाद प्रथम चुनाव 2003 में बीजेपी के सत्यानंद राठिया विजयी हुए। 2008 के चुनाव में कांग्रेस के ह्रदय राम राठिया और 2013 में बीजेपी से सुनीति राठिया विजयी हुए।विधानसभा 2018 के चुनाव में पुनः परिवर्तन के पक्ष में मतदान हुआ और कांग्रेस के चक्रधर सिंह सिदार ने विजयश्री का वरण किया।

👉विगत चार चुनाव में किसी को भी दोबार विधायक बनने का आज पर्यन्त अवसर नही मिला है

👉मतो का अंतर लगातार बढ़ा है सत्यानंद राठिया(5890) ह्रदय राम राठिया (14042)
सुनीति राठिया(14201) चक्रधर सिदार (24483)
क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी हर चुनाव में बदला है
प्रथम चुनाव में तमनार क्षेत्र को द्वितीय चुनाव में लैलूँगा क्षेत्र को
तृतीय चुनाव में तमनार क्षेत्र को
चतुर्थ चुनाव में फिर से लैलूँगा क्षेत्र को विधानसभा में प्रतिनिधित्व का अवसर मतदाताओ ने चुना है।

रिपोर्टर =सतीश चौहान जी न्यूज इंडिया

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